Wednesday, 29 November 2017

पीएसीएल के एजेंटों ने लगाई डीएम सुरक्षा की गुहार


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पीएसीएल चिटफंड कंपनी के एजेंटो ने डीएम से सुरक्षा की गुहार लगाई गई। एजेंटों का कहना था कि निवेशक अपनी रकम की वापसी की मांग को लेकर एजेंटों पर दबाव बन रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा। गुरुवार को टिहरी जिले के विभिन्न जगहों से कलेक्ट्रेट पहुंचे, पीएसीएल (पल्स) चिटफंड कंपनी के एजेंटो ने डीएम से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। कंपनी के एजेंट गिरवीर सिंह रावत, शिव प्रसाद उनियाल व राजपाल रावत ने कहा कि 21 अगस्त 2014 को भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने पीएसीएल कंपनी में निवेशकों के पैसे को निवेश करना अवैध ठहराते हुए तीन माह में ग्राहकों से जुटाई गई रकम वापस लौटने आदेश के साथ उक्त व्यवसाय पर रोक लगा दी थी। इसके बाद दो फरवरी 2016 को मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया, कोर्ट ने सेबी की एक कमेटी गठित कर छह माह के भीतर पीएसीएल की संपतियों को बेचकर ग्राहकों का पैसा वापस लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन ड़ेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्राहकों को पैसा नहीं मिल पाया है। ग्राहक अब एजेंटों को अपना पैसा वापस देने के लिए बार-बार परेशान कर रहे हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण वह निवेशकों की रकम वापस नहीं कर पा रहे हैं। निवेशकों के दबाव में एजेंट आत्मघाती कदम उठा सकते है, उन्होंने एजेंटों की सुरक्षा की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में यशपाल चौहान, दिवान सिंह कुंवर, दिनेश कोटनाला, शीशपाल तड़ियाल, रविन्द्र रावत, नरेन्द्र चंद रमोला, बबली देवी, सुनीता रावत, मीना जोशी, शशी रावत, मंजू कोठारी, विमला नेगी, रीता बेलवाल, दिनेश भंडारी, महिपाल रावत, विजेंद्र दत्त कोठारी, सिद्धार्थ समीर, लक्ष्मी राणा, धन्ना देवी और सुनीता नयाल आदि उपस्थित थे।


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