Wednesday, 29 November 2017

पर्ल घोटाले की जांच को विशेष टीमें गठित

एफआईआर दर्ज करने के एक साल बाद सीबीआई ने पर्ल ग्रुप के खिलाफ जांच तेज करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा चार विशेष टीमों का गठन किया गया है।
सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा ने कहा कि विशेष टीमों की जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इस समूह की दो कंपनियों पर पोंजी स्कीमों के जरिये निवेशकों से 45 हजार करोड़ रुपये जुटाने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने बीते साल जनवरी में पर्ल ग्रुप की कंपनी पर्ल एग्रोटैक कॉरपोरेशन (पीएसीएल) और पर्ल्स गोल्डन फॉरेस्ट (पीजीएफएल) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
पश्चिम बंगाल के सारधा घोटाले में बड़े लोगों को गिरफ्तार करने वाली सीबीआई ने पर्ल मामले में किसी को भी हिरासत में नहीं लिया है। लेकिन नए निदेशक ने अब इसकी जांच तेज करने का फैसला किया है। सिन्हा ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित की जा चुकी हैं।
जल्द ही आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई की एफआईआर में इन दोनों कंपनियों के आठ निदेशकों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।


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