Tuesday, 9 April 2019

Pacl Refund News 2019 R.M Lodha Committee And Pearls India Limited 2019

Pacl Refund News 2019 R.M Lodha Committee And Pearls India Limited 2019


Queries Solved

Pacl Refund Status 2019
Pacl Online Form Fill
Pacl Refund Status
Pacl Refund Online

pacl online refund
Pacl News 2019

भाई हम में ऐक कमी है कभी हम उसकी टांग पकड लेते हैं कभी उसकी असल जड तक तो पहुंचते ही नहीं हैं पहली बात तो ये पोरटल सेबी ने नही सेबी की देखरेख में RM LODHA COMMITTEE दुआरा जारी किया गया है पोरटल के ऊपर पडें पहले ये पोरटल भी परल के पैसों से पराईवेट ऐजंसी दुआरा
चालु किया गया है ओर हम हैं कि सेबी के पीछे पडे हुऐ हैं या सभी संगठन अपनी अपनी ईगो में हैं पिस गरीब निवेशक रहा है जब सुपरीम कोरट दुआरा 2 फरबरी 2016 को लोढा कमैटी को 6 महीने में परल पीडीत निवेशकों का पुरा पैसा वयाज सहित देने को कहा था तब लोढा कमेटी ने यैस किया था तो हम लोगों को लीगल तरीके से सुपरीम कोरट में घसीटना चाहीऐ लोढा को चाहे वो जज था पर अब नही है

इसे जरूर पढ़िए :-


अब वो लोढा कमेटी चेअरमेन है ओर दुसरा उसके घर का घेराव करना चाहीऐ ये तभी संभव है जब हम ऐक होंगे। हम महिंदर पाल सिंह दानगड की पारटी का भी सुपोरट करते हैं, PACL PGF ASSOCIATION का भी सुपोरट करते हैं AISO का भी समरथन करते हैं The ZERO भाई साहिब की सोच को भी सलाम करते हैं तथा भारतीय निवेशक सुरक्षा मंच मेडम सुनंदा कदम जी का भी सर्मथन करते हैं हम चाहते हैं की ये सभी संगठन ऐक मंच पर आ कर ऐक दुसरे की सुपोरट करें तथा असली जड लोढा कमैटी को पकडो  कयुंकि जितनी परापरटी अटैच हुई है लोढा कमैटी से अटेच हुई है ओर पैसा सेबी सरकारी संसथा कैसे देगी जबकि 80% परापरटी अब भी भंगु खानदान दबाऐ बैठा है। जैसे ये भाई साहिब कह रहे हैं सेबी वालों के बचे लुले लंगडे पैदा होंगे बददुआ देने से ऐसे नही होता ऐसे होने से अरुन जेतली जैसे पता नही कितनो के कीडे पड चुके होते अगर पैसा लेना है तो बददुआओऔ से नही इनके घरों के सामने धरने लगाने चाहीऐ।


  1. जानिए क्या होता है NOTA

NOTA का मतलब होता है None of the above अर्थात इनमें से कोई नहीं।।

चुनाव आयोग ने जनता को एक ताक़त दी है कि यदि आपको खड़े हुए प्रत्याशियों में से कोई भी पसंद नहीं है तो आप EVM में सबसे नीचे वाला बटन दबा सकते हैं, आज चुनावों में दबंग,,बाहुबली,,या ऐसे नेता खड़े हो जाते हैं जिन्हें जनता के दुःख से नहीं केवल कुर्सी से मतलब होता है यदि किसी भी चुनाव में जनता द्वारा NOTA का बटन सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है और कुल पड़े वोटों का यदि 25 प्रतिशत NOTA वोट है तो इसका मतलब जनता द्वारा सभी प्रत्याशियों को नकार दिया जाता है औऱ चुनाव रद्द कर दिया जाता है,,,,इससे नेताओं की नहीं जनता की जीत होती है, आज फ़िरोज़ाबाद की स्थिति भी ऐसी ही हो गयी है कोई भी ऐसा नेता नहीं जो फ़िरोज़ाबाद की जनता के दिल का हो,,,,जो विकास कराए, उनके बीच में रहे,अतः अब वक्त है NOTA की ताक़त दिखाने का, यह ताक़त चुनाव आयोग ने इसलिए दी है जनता को, फ़िरोज़ाबाद लोकसभा में यदि सबसे ज्यादा Vota पर वोट पड़ा तो एक इतिहास बन जायेगा नेताओं और पार्टियों के लिये भी एक सबक होगा।

जय जनता जनार्दन की अधिक से अधिक शेयर करें, अपना वोट NOTA को दें, सबसे आखिरी बटन, नोटा


1 comment:

  1. The service is unavailable.
    Sever Problems Sir .. Pls Solved Curry on

    ReplyDelete